महासभा में एकीकरण से घबराहट क्यों

एक विचारणीय विषय
★★★★★★★★★★★

अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में एकीकरण एवं संवैधानिक चुनाव का मतलब क्या है? 👇👇👇

मान्यवर,
उपरोक्त विषय को लेकर महासभा के अंदर गुटों में बटे लोग और महासभा से बाहर चंद्रवंशीयों के नाम पर अलग अलग संगठन चलाने वाले लोग अपने अपने ढंग से इसकी व्याख्या कर रहे हैं जो कि सच्चाई से परे है। एक तरह से भ्रम फैला कर आम चंद्रवंशीयों को गुमराह कर रहे हैं।
जबकि वास्तविकता यह है कि👇👇👇
इस समिति का सबसे पहला प्रयास यह है कि
(1) महासभा के अंदर जितना भी ग्रुप चल रहा है उन सभी ग्रुपों के लोग एक जगह आकर बैठें। आम सहमति से निर्णय लेकर महासभा के मूल संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव करवाकर एक राष्ट्रीय समिति का गठन कर ले!
(2) अगर ऐसा किसी कारण बस संभव नहीं होता है तो महासभा के मूल संविधान के अनुसार एक संवैधानिक समिति का गठन कर संवैधानिक सदस्यता अभियान चलाया जाय। पुराने और नए सदस्यों की सूची एवं सदस्यता शुल्क की जमा राशि का बैंक डिटेल न्यायालय और रजिस्ट्रार को सुपुर्द कर दिया जाए!
(3) इस समय एकीकरण एवं संवैधानिक चुनाव समिति महासभा में उपर्युक्त दो विषयों पर कार्य कर रही है!
(4) ये भी सर्वविदित है कि तथाकथित दोनो राष्ट्रीय अध्यक्षो द्वारा भी राष्ट्रीय स्तर पर सदस्यता अभियान चलाई जा रही है।
अब सवाल ये है कि इस कार्यक्रम से घबराहट किसे और क्यों हो रही है?
(1) पहला:-महासभा के अंदर वैसे लोगों को घबराहट हो रही है जिन्हें लगता है कि इस कंपटीशन में हम खरा नहीं उतर पाएंगे।
(2) दूसरा:- वैसे लोग हैं जो महासभा में विभाजन के नाम पर भोले भाले और महत्वाकांक्षी चंद्रवंशीयों का अलग अलग संगठन बनाकर अपने को राष्ट्रीय अध्यक्ष और महामंत्री घोषित कर चुके हैं। उन्हें लग रहा है कि अगर महासभा की एक संवैधानिक समिति बन जाएगी तो फिर उनका क्या होगा?
★★★ अपील ★★★
महासभा के अंदर और महासभा के बाहर चंद्रवंशीयों के नाम पर जितने भी लोग अलग अलग गुट एवं अलग अलग संगठन चला रहे हैं उन सभी लोगों की पहचान हो चुकी है! अब उनका पहचान होना अति आवश्यक है जो चंद्रवंशीओं में और महासभा में एकरूपता चाहते हैं!
अतः सभी चन्द्रवंशियों से विशेषकर महासभा के पूर्व पदाधिकारियों, पूर्व ,सक्रिय एवं साधारण सदस्योँ से आग्रह है कि महासभा में एकरूपता लाने एवं चंद्रवंशीयो का एक मजबूत संगठन बनाने के लिए महासभा के एकीकरण एवं संवैधानिक चुनाव समिति का हिस्सा बनें, सदस्य बने और आम लोगों को भी महासभा से जुड़ने हेतु आह्वान करें। भ्रम फैलाने वालों से दूर रहें! निष्पक्ष भाव से महासभा के पुनर्गठन में अपना अपना बहुमूल्य समय देकर सहयोग करें। अपने समाज की धरोहर समान महासभा का खोया हुआ सम्मान वापस लाएं।

★★★ एकीकरण एवं संवैधानिक चुनाव समिति ★★★
★★ अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा★★★

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8

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,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8