महासभा में एकीकरण के लिए शंखनाद

  • ॥शंखनाद ॥💪*

*सप्रेम अभिवादन *
नमन बंदन अभिनंदन प्रणाम !🙏

प्रिय समाज बंधुओं,

  *🙏यदि कोई आपसे पूछे कि अभिमन्यु कैसे मारा गया ? तो संभवतः आपके पास दो जवाब होंगे !*

पहला -अभिमन्यु को कौरव सेना के दर्जनों महारथियों ने घेरकर मार दिया !!

दूसरा -अर्जुन से चक्रव्यूह तोड़ने की विद्या सुनते हुए सुभद्रा की नींद लग गई थी,जिससे अभिमन्यु माँ के गर्भ में चक्रव्यूह तोड़ने का हुनर नहीं सुन पाया और चक्रव्यूह में फंसकर मारा गया !!
🙏लेकिन यह इस सवाल का सही जवाब नहीं है…
🙏इस सवाल का सही जवाब है….

💥कौरवों की वो रणनीति जिसके तहत अर्जुन को युद्धक्षेत्र से जानबूझकर इतनी दूर ले जाया गया कि, वो चाहते हुए भी अपने बेटे को बचाने हेतु समय पर नहीं पहुंच सके…!

🙏अगर अर्जुन अभिमन्यु से दूर नहीं होते तो शायद कोई भी अभिमन्यु को मार नही पाता !!

*💪फिलहाल चद्रवंशी डेलीगेट एकीकरण टीम युद्धअस्तर पर युद्धक्षेत्र के लिऐ योद्धा सज चुका है..! *

*🙏 चन्द्रवंशी डेलीगेट एकीकरण टीम के योद्धाओं को घेरने की पूरी तैयारी भी हो रही होगी ? *
महासभा के दुश्मन कौरवरूपी द्वारा जो कभी एकीकरण चाहते ही नहीं है !!

🙏 महासभा के दुश्मनों द्वारा अब…..बस आखिरी रणनीति के तहत एकीकरण टीम के योद्धाओं को तोड़ कर रणक्षेत्र से दूर करने की साज़िश जारी रहेगा…! सावधान ?

🙏अब ये आप पर निर्भर है कि, आप..! महासभा को मुश्किल दौर से निकालने या उसे इसी हालत में अकेला छोड़कर, आस्तित्व को समाप्त होने के पश्चात बाद पछताना चाहते हैं, ‘या, चन्द्रवंशी डेलीगेट एकीकरण टीम के साथ खड़े रहकर महासभा को विजयी होते देखना..!!

🙏समाज बंधुओं -डेलीगेट टीम के योद्धा अर्जुन बनकर महासभा को मुश्किल दौर से निकालने हेतु सकारात्मक आदर्शवादी बिचारो के द्वारा न्यासंगत महायुद्ध कर के महासभा को एक सफल महान नेतृत्वकर्ता दे कर महान गौरवशाली बना देना है,

🙏यही -चन्द्रवंशी डेलीगेट एकीकरण टीम का उद्देश्य है ! तथा ऐसे तमाम नकारात्मक विचारों से दूर रहना है जो हमारे बिच फूट डालकर टीम से दूर रखे ! एैसे बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्ति से बचे !

  • 🙏समाज बन्धुओं -हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है !* ॥ आवाज़ दो हम एक हैं ॥

दुवाओ में हमें याद रखे !

        *सधन्यवाद !*

अलख निरंजन / हर हर महादेव !!

हुंकार ललकार के साथ !
🙏॥ शशिकान्त सिंह ॥🙏
7905616178

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8

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,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8