सम्राट जरासंध स्टेच्यू बोधगया मैं प्रतिदिन आरती और प्रसाद वितरण हो?

देश का बहुचर्चित सम्राट जरासंध स्टेच्यू, धनामा ,बोधगया ,गया (बिहार) मैं प्रतिदिन आरती और प्रसाद वितरण हो?
मगध सम्राट जरासंध जी क्लब इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है
कि
चंद्रवंशीयों के गौरव, देश का सबसे सुंदर, चंद्रवंशीओं का कुलभूषण, कुलदेवता
और
मगध साम्राज्य के चक्रवर्ती मगध सम्राट, के समीप संध्या 6:00 बजे प्रतिदिन नियमित रूप से, एक ब्राह्मण के द्वारा आरती और प्रसाद वितरण हो !
इसके लिए एक योजना पर विचार कर रही है !
इस योजना के तहत प्रतिदिन का
जो खर्च आएगा ,
उसका कूपन बनेगा और प्रतिवर्ष 365 चंद्रवंशीयों को इससे जोड़ादेश का बहुचर्चित सम्राट जरासंध स्टेच्यू, धनामा ,बोधगया ,गया (बिहार) मैं प्रतिदिन आरती और प्रसाद वितरण हो?
मगध सम्राट जरासंध जी क्लब इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है की
चंद्रवंशीयों के गौरव, देश का सबसे सुंदर, चंद्रवंशीओं का कुलभूषण, कुलदेवता
और
मगध साम्राज्य के चक्रवर्ती मगध सम्राट, के समीप संध्या 6:00 बजे प्रतिदिन नियमित रूप से, एक ब्राह्मण के द्वारा आरती और प्रसाद वितरण हो !
इसके लिए एक योजना पर विचार कर रही है !
इस योजना के तहत प्रतिदिन का
जो खर्च आएगा ,
उसका कूपन बनेगा और प्रतिवर्ष 365 चंद्रवंशीयों को इससे जोड़ा जाएगा !
आरती अनुदान दाता के नाम से होगा!
अनुदान दाता का चयन पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर किया जाएगा!
अनुदान बैंक पेमेंट के माध्यम से ही लिया जाएगा!
विदित हो कि यह स्टेच्यू नेशनल हाईवे 82 और 83 के बीच में अवस्थित है! यहां प्रतिदिन प्रतिमा स्थल की साफ सफाई की जाती है जिसके लिए ₹2000 प्रतिमा दिया जाता है!
इस संबंध में और कोई अगर आप सबों कोई सुझाव क्या सलाह हो तो सादर आमंत्रित है!
मगध सम्राट जरासंध जी क्लब! जाएगा !
आरती अनुदान दाता के नाम से होगा!
अनुदान दाता का चयन पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर किया जाएगा!
अनुदान बैंक पेमेंट के माध्यम से ही लिया जाएगा!
विदित हो कि यह स्टेच्यू नेशनल हाईवे 82 और 83 के बीच में अवस्थित है! यहां प्रतिदिन प्रतिमा स्थल की साफ सफाई की जाती है जिसके लिए ₹2000 क्लब की ओर से भुगतान किया जाता है!
इस संबंध में और कोई अगर
आप सबों का कोई सुझाव /सलाह हो तो,
सादर आमंत्रित है!
मगध सम्राट जरासंध जी क्लब!

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8

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,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8