शशिकांत जी( यूपी) का अपील महासभा में एकीकरण समिति का ही सदस्य बने?

  *🙏 हमारे पूर्वजों की धरोहर चंद्रवंशीओं का ऐतिहासिक संगठन आज पिछले कई वर्षों से आपसी सामंजस्य न होने के कारण रजिस्टार के यहां विवादित सूची में चला गया है !*

और यही हाल रहा तो महासभा का रजिस्ट्रेशन रद्द भी हो सकता है !
ऐसी स्थिति में तत्काल क्या किया जाए जिससे इसका अस्तित्व बच सकें ?

यहां 2 सवाल है -:

एक -एकीकरण का
दूसरा -संगठन का संवैधानिक अस्तित्व बचाने का ?

     *🙏इसी विषय पर युद्ध स्तर पर चर्चा करके तैयारी करने की आवश्यकता है इस ग्रुप में जितने उपस्थित गणमान्य मौजूद है मैं देख रहा हूँ की एक से बढ़कर एक सम्मानित गण मौजूद हैं जो समाज संगठन एवं क़ानून के जानकार हैं हम लोगों के लिए बहूत ही गौरव की बात है ।*

🙏सौभाग्य की बात यह है कि माताएँ और बहाने भी मौजूद हैं ! यह हम लोग का किसी अच्छे कर्म का फल है । उन्हें मेरा प्रणाम ! 🙏

       *🙏 आदरणीय, समाज बन्धु आज कहीं न कहीं इस संगठन का अस्तित्व बचाने का सवाल हम सभी भाइयों एवं माताएँ बहनों के कंधे पर है ।*

   *🙏 आ.समाज बंधुओं, आइए हम सब मिलकर ज़मीनी स्तर से महासभा को आज़ाद कराने के लिए महासभा के संविधान की चर्चा करते हुए युद्ध स्तर पर तैयारी सकारात्मक आदर्शवादी बिचारो के द्वारा अपना अपना अनुभव इस विषय पर दे कर कैसे महासभा का सदस्य बनकर सम्मानित करें ।तथा (Constitution ) अखिल भारतवर्षीय चन्द्रवंषी क्षत्रिय महासभा संविधान की चर्चा करें , जिससे हमारे पूर्वजों की धरोहर मान ,सम्मान के साथ समाज में गौरवान्वित हो ।*

*🙏 आदरणीय समाज बंधुओं -हर प्रश्न का जवाब  है , ( Constitution )अखिल भारतवर्षीय चन्द्रवंषी क्षत्रिय महासभा चर्चा कर अपने सम्मानित विचारों के द्वारा महासभा को आज़ाद कराने के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक की लड़ाई हम सभी मिलकर लड़ें तथा किसी ग्रुप द्वारा चलाए जा रहे टीम के सदस्यों को हम लोग बहिष्कार करते हुए । हम लोग केवल एकीकरण समिति द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान का ही सदस्य बन कर समाज एक -एक व्यक्ति से संविधान की चर्चा करें , जब तक हम महासभा का सदस्य नहीं बनते हैं तब तक हमारा कोई क़ानूनी और नैतिक अधिकार नहीं बनता है । तत्पश्चात पूर्वजों की धरोहर महासभा को बचाने में शक्ति प्रदान मिलेगी । तथा हम सब संगठित हों। *

आवाज़ दो हम एक है !

जय संविधान / जय समाज

                  *धन्यवाद !*

शशिकान्त सिंह

(लखनऊ उत्तर प्रदेश)
7905616178

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8

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,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8