महासभा को सलाह नहीं साथ चाहिए? शशीकांत!

महासभा को सलाह नहीं साथ चाहिए ? 🤝

*सप्रेम अभिवादन *
नमन बंदन अभिनंदन प्रणाम !

प्रिय समाज बंधुओं,
🙏‘यह क्रान्ति है बंधु ।और सम्पूर्ण क्रान्ति है। इस पोर्टल पर लेख लिख कर उत्साह बढ़ाना उद्देश्य नहीं है। यह तो महज मील का पत्थर है। हम सब सभी का मंजिल तो बहुत दूर है और हम सभी को अभी बहुत दूर तक जाना है।’

🙏 जैसा आप सभी जानते हैं कि, अखिल भारतीय चन्द्रवंशी क्षत्रिय महासभा की निर्माता पुरूकुल के अमर सुरवीर योद्धा कुलभूषण बाबु नथुनी सिंह जी थे ।यह किसी से छिपा नहीं है जो नहीं जानते इतिहास पढ़े ……?

🙏चंद्रवंशी के लिए महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण दिन तब होगा जब महासभा के अस्तित्व को बचाकर जीवित करना इसके लिए हम सभी को संकल्प लेना है कि महासभा को सलाह नहीं साथ चाहिए। इस पर चर्चा कर संवैधानिक तौर तरीक़े से साथ दे।’शशि@/-

*🙏महासभा का अस्तित्व ख़तरे में ?बचाने का महायुद्ध मे एक तरफ़ महासभा की आजादी की लड़ाई गुटबाजो से लड़ना । *
एवं दूसरी तरफ सामाजिक क्षेत्रों में एकता बनाकर चंद्रवंशी क्षत्रिय परिवार को पूर्व के गौरव सम्मान एवं प्रतिष्ठा दिलाने की दिशा में गौरवपूर्ण क्रांतिकारी कदम उठाते हुऐ सभी को सलाह नहीं ? साथ देकर ।
महत्वपूर्ण भूमिका निभाना ! ‘शशी@/-🙏

🙏इतिहासकारों का मानना है कि महासभा सामाजिक लड़ाई उस समय की व्यवस्था से लड़ रही थी जो अंग्रेज़ी हुकूमत की हिमायती थे वहीं देश की आज़ादी की लड़ाई के लिए कार्यकर्ताओं को भी प्रशिक्षित कर रही थी ।

🙏परिणाम यह निकला कि महासभा के पदाधिकारियों को खुनी लड़ाई भी लड़नी पड़ी। जेल के शिकंजो में बंद होना पड़ा। जाने गंवाने पड़ी एवम् घर द्वार छोड़कर अपने देश में ही शरणार्थी होना पड़ा।

🙏लेकिन महासभा के पदाधिकारियों, समर्थकों एवं सदस्यों ने अपने अभियान को जारी रखा।

*🙏हमे अपने पूर्वजों की नीति को अपनाते हुऐ महसभा की सफलता के लिए पदाधिकारियों समर्थकों एवं सदस्यों अपने-अपने एकीकरण अभियान को जारी रखते हुए समाज परिवार के हर लोग का सलाह ? नहीं साथ चाहिए का बिस्तार करे ! विसम स्थिति में भी अभियान को जारी रख कर व्यवस्था के परिवर्तन के लिए क्रान्ति- ’सम्पूर्ण क्रान्ति’ आवश्यक है। *

               *सधन्यवाद।*

*जय संविधान / जय समाज *

अलख निरंजन / हर हर महादेव

अपनी दुवाओं में हमें याद रखें !
आपका सलाह नहीं साथ चाहिए !

॥शशिकान्त सिंह॥
7905616178

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8

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,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8