महासभा का चुनाव संबंधित जानकारी

प्रकृति के सामने किसी को कुछ नहीं चलता !
,कोरोना से प्रभावित हो रहा है महासभा का सदस्यता एवं मिल्लत / एकीकरण अभियान!
लगता है कुछ और दिन झेलना पड़ेगा महासभा को विभाजन का……..!

मित्रों,
17 जनवरी 2021 को जरासंध भवन दरोगा राय पटना में अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के आजीवन सदस्यों पूर्व पदाधिकारियों तथा पूर्व सक्रिय एवं साधारण सदस्य के आम सभा में लिए गए निर्णय के मुताबिक
महासभा में एकीकरण एवं संवैधानिक चुनाव जल्द से जल्द पूरा कर लेना था !
किंतु कोरोना के बढ़ते प्रभाव ने इस अभियान पर रोक लगा दिया!
सबसे पहले रथ यात्रा को रोकना पड़ा और अब सदस्यता एवं मिलन एकीकरण अभियान प्रभावित हो रहा है!
माननीय सांसद लोकसभा जहानाबाद एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष महासभा , मिललत समिति के वरीय सदस्य श्री चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी जी एवं अन्य साथियों के प्रयास से आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार गुट और डॉक्टर ईश्वर सागर जी गुट के पदाधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक अप्रैल माह में करनी थी जो कोरना के बढ़ते प्रभाव के कारण संभव नहीं हो सक रहा है!
सदस्यता अभियान भी प्रभावित हो रहा है
इसके लिए जगह जगह सामूहिक बैठक नहीं हो पा रही है
फिर भी कार्यकर्ता अपनी जान को जोखिम में डालकर सदस्यता अभियान को जारी रखते हुए हैं!
30 अप्रैल तक अगर कोरोनावायरस का प्रभाव कमता है और हम लोग सदस्यता अभियान करीब-करीब पूरा कर लेते हैं तो
एक के बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर चुनावी कार्यक्रम की घोषणा सबों की राय से किया जायेगा! अत:सदस्यता एवं एकीकरण अभियान से जुड़े सभी साथियों से आग्रह है कि कोरोना से बचाव करते हुए अपना अभियान को जारी रखें! बहुत जल्दी हम लोग एक समीक्षा बैठक कोरोना के नियमों को पालन करते हुए करेगे!
जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी!
इस वक्त जहां भी जितने भी सदस्य बने हैं और बन रहे हैं उसकी सूची प्रतिदिन महासभा का प्रधान कार्यालय मैं भेजने का कष्ट करें!
30 अप्रैल तक हर हाल में सदस्यता विवरण मुख्यालय को भेज दें!
एकीकरण एवं चुनाव समिति
91 नेताजी सुभास रोड कोलकाता

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,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8