एकता के पथ पर चले समाज

एकता के पथ पर एकीकरण की ओर चला समाज…
—–

नमस्कार भाइयों/बहनों/अभिभावकों एवं एवं शुभ चिंतक साथियों।

💫बहुत ख़ुशी के साथ आपको यह सूचित कर रहा हूँ कि दिनांक-16 मई 2021, दिन-11 बजे से प्रस्तावित वर्चुअल मीटिंग का पहला दिन बहुत हीं शानदार रहा।

💫समाज के कई शुभ चिंतक साथी आज के वर्चुअल मीटिंग में उपस्थित हुए एवं अपना विचार रखे।

💫कई साथियों के मन में “महासभा” के प्रति उलझनें थी तथा कई सवाल थे, जिसका जवाब हमारे अभिभावक श्री सुरेन्द्र सिंह जी व श्री जयन्त कुमार सिंह जी ने दिया।

💫आज के वर्चुअल मीटिंग से कई ग़लत फहमियाँ दूर हुई। समाज की ओर से डॉ. सूरज वर्मा ने श्री सुरेन्द्र सिंह जी से कई सवाल किए, जिसका जवाब उन्होंने सरलता पूर्वक दिया।

💫महासभा के वर्तमान स्थिति, कोर्ट केस, चुनाव तथा आजीवन सदस्यता, सक्रिय सदस्यता, साधारण सदस्यता एवं चुनाव-नामांकन एवं मतदाता से सम्बंधित सवाल लोगों ने किया, जिसका जवाब महासभा के जानकार बुद्धिजीवियों सहित श्री सुरेन्द्र सिंह जी ने दिया।

💫वर्चुअल मीटिंग में उपस्थित सज्जनों में काफ़ी एकरूपता दिखाई दिया।

💫आज के वर्चुअल बैठक में कई प्रान्त जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, मुम्बई, दिल्ली, कोलकत्ता इत्यादि राज्यों के लोग वर्चुअल मीटिंग में उपस्थित हुए।

💫आज के वर्चुअल मीटिंग में महासभा में चुनाव से सम्बंधित कई प्रस्ताव आए, जिसमें सक्रिय सदस्यों को भी भी वोट देने के अधिकार की चर्चा हुई तथा निष्पक्ष चुनाव कराने एवं निष्पक्ष नेता के चुनाव हेतु देश के विभिन्न राज्यों से अधिक से अधिक आजीवन सदस्य, सक्रिय सदस्य एवं साधारण सदस्य जोड़ने की बात भी कही गई।

💫आज की वर्चुअल बैठक में कुछ सज्जनों ने यह भी प्रस्ताव दिए कि “अखिल भारतवर्षीय चन्द्रवंशी क्षत्रिय महासभा के सन्दर्भ में “चन्द्रवंशी डेलीगेट एकीकरण टीम एवं एकीकरण चाहने वाले शुभ चिंतको के साथ होने वाली अगली वर्चुअल मीटिंग में आदरणीय डॉ. प्रेम कुमार एवं आदरणीय ईश्वर सागर जी को भी भाग लेने हेतु आग्रह करें, जिसका स्वागत उपस्थित सभी सदस्यों ने किया।

💫आज की बैठक करीब 2 घंटा 45 मिनट चला।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जब-तक कोरोना काल समाप्त नहीं हो जाता, तब तक रविवार एवं सरकारी छुट्टियों के दिन भी वर्चुअल मीटिंग जारी रहेगी।

💫अगला वर्चुअल मीटिंग दिनांक-23 मई 2021 दिन रविवार को रखा गया है। सभी सज्जनों से विनम्र आग्रह है कि होने वाली अगली बैठक में अवश्य भाग लें।

धन्यवाद🌷
प्रमोद🙏🙏

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

,अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा में संविधान के अनुसार जो लोग अपने को अध्यक्ष और महामंत्री होने का कर रहे हैं वैसे लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि
महासभा के संविधान के अनुसार उनका कार्यकाल उनके निर्वाचन के अवधि से 1 साल के बाद ही समाप्त हो गया है ! और आज के दिनों में आजीवन सदस्यों को छोड़कर महासभा में ना कोई समिति रह गई है और ना ही पदाधिकारी? क्योंकि जब वो खुद प्राधिकारी नहीं रह गए हैं तो , तो उनके द्वारा बनाए गए समितिया या पदाधिकारी की मान्यता आज के दिनों में नहीं हो सकता है ?
3 मई 2017 को कोर्ट ने आदेश निर्गत किया है कि,
कोई भी दावेदार अगर चुनाव कराता है तो,
वह न तो चुनाव परिणाम की घोषणा कर सकेगा और ना ही वह चुनाव किसी भी स्थिति में लागू माना जाएगा ,?
जब तक इस संबंधित न्यायालय द्वारा मानयता नहीं दी जाती है?
2017 के बाद किसी भी पक्ष ने चुनाव नहीं करा सका है? अगर कराया है और कोर्ट ने उसको मान्यता दी है तो वह पेपर सार्वजनिक करें ?
अन्यथा महासभा का नाम ,लेटर पैड और उस पर अपने को पदाधिकारी होने का किसी भी स्तर पर दावा कर र बंद करें !
क्योंकि वह बिल्कुल संवैधानिक रूप से गलत है ! ऐसे लोग महासभा संगठन, सरकार, पुलिस, प्रशासन, और समाज के साथ 420 बीसी कर रहे हैं! ऐसे लोग समाज में आपस में टकराव बनाना चाहते हैं !लॉ ऑर्डर की समस्या खड़ा करना चाहते हैं! इनके इस गैर संवैधानिक , कार्यक्रम से आपस में झगड़ा झंझट हो सकता है मारपीट हो सकती है!कोई भी प्रिय घटना घट सकता है
इसलिए जिला प्रशासन को इस पर सख्त से सख्त कार्रवाई करना चाहिए! महासभा का मूल संविधान एवं कोलकाता सिटी कोर्ट बेंच नंबर 8 के द्वारा पारित आदेश का पीडीएफ अवलोकन हेतु संलग्न किया जाता है!
इसलिए आदरणीय डॉक्टर प्रेम कुमार आदरणीय सागर जी तथा अन्य लोग जो इस तरह का कृत्य कर रहे हैं उन्हें इस पर तत्काल रोक लगा देना चाहिए और एकीकरण तथा संवैधानिक चुनाव समिति के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से महासभा के लिए सभी स्तरों पर कमेटी का गठन किया जाना चाहिए !
सुरेंद्र सिंह
पेटीशनर
, case number 313/ 16
सिटी कोर्ट कोलकाता
बैंक नंबर 8